दुनिया के 5 सबसे क्रूर और खतरनाक तानाशाह

एडोल्फ हिटलर
एडोल्फ हिटलर, जर्मनी की राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी (NSDAP) का नेता था और उसके शासनकाल में करीब 1.7 करोड़ लोगों की हत्या हुई थी। उसने लाखों यहुदियों को जिंदा जला दिया था, उसने यहूदी, इसाई, महिलाएं और बच्चों तक पर रहम नहीं खाया। आपको जानकर हैरानी होगी सबसे ज़्यादा यहूदियों का खून बहाने वाले हिटलर का पहला प्यार एक यहूदी लड़की ही थी। उसने करीब 12 वर्षों (1933 से 1945 तक) जर्मनी पर अपना हुकुम चलाया। उसको द्वितीय विश्वयुद्ध के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार माना गया है।

जोसेफ स्टालिन
जोसेफ स्टालिन, सोवियत संघ का नेता था। उसने 31 साल (1922 से 1953 तक) सोवियत संघ पर अपना हुकुम चलाया। सोवियत संघ की कमान संभालने के बाद ही उसने अपने हर एक विरोधी को मौत के घाट उतार दिया। उसने अपने कार्यकाल में करीब 2.3 करोड़ लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। स्टालिन ने शीतयुद्ध के दौरान रूस को दुनिया का दूसरा परमाणु शक्ति संपन्न देश बनाया। उसने 1939 में ग्रेट पर्ज के नाम पर सेना की मदद से लाखों हत्याएं करवाईं।

ईदी अमीन
ईदी अमीन, युगांडा (मध्य अफ्रीकी) का शासक था। उसने 8 साल (1971 से 1979 तक) देश पर राज किया। उसे “युगांडा का कसाई” भी बोला जाता था। वह तकरीबन 6 लाख लोगों की मौत का जिम्मेदार था। उसका विरोध करने वाले लोगों को वह प्राइवेट पार्ट्स और हाथ पैर काटना, अपना मांस खाने पर मज़बूर करना, सर हथौड़े से फोड़ देना, बर्फ की चट्टानों पर बिठाना ऐसी सज़ाएं देता था। सज़ा के बाद मरने वाले लोगों की लाशों को तालाब में फेंक दिया जाता था, जिन्हें मगरमच्छ खाते थे। उसके शासनकाल में महिलाओं के रेप भी हुए और उन्हें टॉर्चर भी किया जाता था। उसकी 5 पत्नियां और दर्जनों बच्चे थे, फिर भी वह सदैव शादी के लिए कम उम्र की लड़की की तलाश में रहता था। उसका मानना था कि कोई भी योग्य लड़की युगांडा के महाराज की धर्मपत्नी बनने के लिए तत्पर रहेगी।

सद्दाम हुसैन
सद्दाम हुसैन 2 दशकों तक (1979 से 2003 तक) इराक का राष्ट्रपति रहा है। सत्ता सम्भालने के बाद वह अपने आप को अरब देशो में सबसे प्रभावशाली समझने लगा था। साल 1980 में उसने नई इस्लामिक क्रांति के प्रभावों को कमज़ोर करने के लिए पश्चिमी ईरान की सीमाओं पर अपनी सेना उतार दी थी। इस युद्ध में लाखों लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। इसी दौरान 1982 में सद्दाम हुसैन ने अपने ऊपर हुए एक आत्मघाती हमले के बाद दुजैल गांव में 148 लोगों की हत्या करवा दी थी। अगस्त 1990 में इराक ने कुवैत को तेल के दामों को नीचे गिराने के आरोप लगाकर उसके साथ जंग छेड़ दी। 1991 में अमेरिकी फौज के दबाव के दखल के बाद इराकी सेना को कुवैत से पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन इस जंग में हजारों इराकी सैनिक मारे गए।

बेनिटो मुसोलिनी
बेनिटो मुसोलिनी, इटली का एक राजनेता था, जिसने राष्ट्रीय फासिस्ट पार्टी का नेतृत्व किया। उसने इटली पर तकरीबन 1922 से 1943 तक राज किया। उसने 1925 तक संवैधानिक तरीके से शासन किया। उसके बाद उसने तानाशाही को अपना लिया। उसने 1935 में अबीसीनिया पर हमला कर दिया। दूसरे विश्वयुद्ध के समय से ही उसने कई हमलों में हार का सामना किया। इस कारण उसे प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा और उसे जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। उस समय हिटलर ने उसे सहारा देते हुए छुड़ाया, लेकिन फिर भी वह ज़्यादा समय तक सत्ता नहीं संभाल सका और फिर 1945 में मित्र देशों की सेनाओं ने इटली पर हमला किया, जिसमें मुसोलिनी को पकड़ कर हिरासत में ले लिया, फिर 28 अप्रैल 1945 को उसे सज़ा-ए-मौत दी गई।

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