असम के इस ऑफ बीट डेस्टिनेशन जाकर करें अलग तरह के एडवेंचर को एक्सप्लोर

चराइदेव
मिस्त्र के पिरामिडों जैसी समाधियांयह स्थान अहोम राजा-रानियों की समाधियों के कारण मशहूर है। शिवसागर से लगभग एक घंटे ड्राइव कर आप यहां पहुंच सकते हैं। यहां कुल 42 समाधियां हैं। इनका आकार-प्रकार मिस्त्र के पिरामिडों से काफी मिलता-जुलता है। यहां के स्तंभ और अन्य स्मारकों को देखकर मध्यकालीन असम के वास्तुकारों के कला-कौशल पर गर्व होता है।

200 साल पुराना गौरीसागर सरोवर
यह सरोवर लगभग 200 साल पुराना है। शिवसागर शहर से 12 किलोमीटर दूर है। इनका निर्माण अहोम रानी फुलेश्र्वरी देवी ने करवाया था। यहां कई मंदिर बने हुए हैं। यहां भी काफी पर्यटक आते हैं।

रुद्रसागर सरोवर
रुद्रसागर सरोवर का निर्माण अहोम राजा लक्ष्मी सिंह ने सन 1773 में अपने पिता रूद्र सिंह की याद में करवाया था। शिवसागर शहर से 8 किलोमीटर दूर रुद्रसागर सरोवर के किनारे भगवान शिव का एक भव्य मंदिर निर्मित है।

अजान पीर की दरगाह
यह दरगाह मुसलमान संत हजरत शाह मिलान की याद में बनवाई गई। इसे अजान पीर के नाम से भी जाना जाता है। यह दरगाह शिवसागर से 22 किलोमीटर दूर सराईगुरी चापोरी इलाके में दिखऊ नदी के तट पर स्थित है। यहां हर साल लगने वाले ‘उर्स’ में पूरे असम के मुसलमान एकत्र होकर अजान पीर के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हैं।

ताई अहोम संग्रहालय
ताई संग्रहालय में आप अहोम वंश से जुड़े इतिहास के साथ-साथ उनकी संस्कृति व शासन के दौरान लोगों के दैनिक जीवन की गतिविधियों को भी देख-जान सकते हैं। यह संग्रहालय शिवसागर ताल के पश्चिमी तट पर शहर के बीचोबीच स्थित है। इस संग्रहालय की स्थापना वर्ष 1972 में की गई थी और उसी साल इसे आगंतुकों के लिए खोला गया था। यहां 13वीं और 18वीं सदी के बीच शासन करने वाले अहोम वंश के आभूषणों का सबसे बड़ा संग्रह मिलता है। संग्रहालय के अन्य प्रमुख आकर्षण हैं- प्राचीन पांडुलिपियां, कपड़े और लकड़ी, धातु, बेंत, तलवारें, ढाल, थाली और बांस की वस्तुएं।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s